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CAGR क्या होता है ?

CAGR क्या होता है ?

CAGR का FULL FORM
CAGR का फुल फॉर्म होता है – COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE,
आज हम इसी बारे में समझेंगे की COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE (CAGR) वास्तव में क्या होता है, और निवेश या स्टॉक मार्केट में CAGR का क्या इस्तेमाल कैसे होता है ? और इसका क्या महत्त्व है ?

COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE (CAGR क्या होता है?)

CAGR चार अलग अलग शब्दों से मिलकर बना है, C यानी COMPOUND, A यानी ANNULLY , G यानी GRWOTH और R यानी RATE
अगर आप इन अलग अलग शब्दों पे ध्यान दे तो,
CAGR का मतलब एक ऐसा रेट (RATE), जो हमें बताता है कि हमारा इन्वेस्टमेंट हर साल (ANNUALY)औसत रूप से कितने प्रतिशत से COMPOUNDING रुप से बिकसित (GROW) हो रहा है,
कुछ और ध्यान दें वाली बात ये है की –
  1. CAGR एक दर (RATE) है, और ये हमेशा प्रतिशत में ही लिखा जाता है,
  2. और ये दो या दो से अधिक वर्षो पर मिलने वाले कुल लाभ का वार्षिक (ANNUAL COMPOUND) का AVERAGE RATEहोता है,
निवेश पर मिलने वाले लाभ को CALCULATE करने के लिए CAGR एक बहुत महत्वपूर्ण CONCEPT है, जो किसी भी LONG TERM इन्वेस्टमेंट पर मिलने वाले कुल लाभ को इस तरीके से बताता है, जिस से हमें पता चलता है कि वास्तव में हमें उस इन्वेस्टमेंट पर कितने प्रतिशत का COMPOUNDING GROWTH मिला,
जैसे – अगर रवि जिसने वर्ष 2012 में 1 लाख का म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किया था, जिसकी कीमत वर्ष 2017 में 1 लाख 50 हजार रूपये है,
ऐसे में रवि का कुल लाभ है = 1,50,000-1,00,000= 50,000/-
और अगर प्रतिशत में व्यक्त किया जाये तो रवि को पांच साल में 50 हजार का लाभ मिला, और हमें सीधे सीधे देखने से ऐसा लगता है की रवि का निवेश हर साल 10 % से बढ़ा है,
लेकिन वास्तव में अगर इस निवेश पर CAGR को कैलकुलेट किया जाये तो हमें वास्तविक COMPOUND GROWTH का पता चलता है –
CAGR का फार्मूला है= {(END VALUE/BEGINNING VALUE)^(1/NO. OF YEARS)-1}*100
इसलिए हमारे केस में CAGR होगा = (1,50,000/1,00,000)^(1/5)-1
= 0.84472*100
=8.45%
यानि रवि का निवेश हर साल 8.45% के CAGR से हर साल बढ़ा है, न की 10 % से,
नोट – CAGR को CALCUALTE करने के लिए आप MICROSOFT EXCEL का इस्तेमाल कर सकते है, या अपने मोबाइल के CALCUALTOR में साइंटिफिक कैलकुलेटर में इसे कैलकुलेट कर सकते है, अथवा GOOGLE PLAY स्टोर से आप CAGR कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते है,

निवेश या स्टॉक मार्केट में CAGR का इस्तेमाल,

कोई भी कम्पनी जो स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है, वो सालो से अपना कारोबार कर रही होती है, ऐसे में उस कम्पनी ने हर साल किस दर से वास्तविक यानि COMPOUNDING लाभ कमाए है, ये जानने के लिए हमें CAGR का इस्तेमाल करना होता है,
जिस से पता चलता है कि कम्पनी के लाभ का ग्रोथ रेट कैसा है,
दूसरी तरफ किसी भी निवेशक के लिए ये जानना बहुत इम्पोर्टेन्ट होता है कि उसे अपने निवेश पर  हर साल COMPOUNDINGLY किस प्रतिशत से लाभ मिल रहा है,यानि वास्तविक लाभ क्या मिल रहा है
और ये जानने के लिए, हमें CAGR का ही इस्तेमाल करना होता है, जिस से हमें REAL GROWTH RATE का पता चलता है, – जैसे ऊपर के EXAMPLE में रवि को 5 साल में 50% का लाभ मिल रहा है, ये बिलकुल अच्छा दीखता है, लेकिन जैसे ही हम CAGR फार्मूला का इस्तेमाल करते है तो हमें वास्तविकता का पता चलता है, जिसमे वास्तव में रवि को सिर्फ 8.45% CAGR , यानि वार्षिक लाभ (ANNUAL प्रॉफिट) मिल रहा है,
इसीलिए, चाहे किसी कंपनी का ग्रोथ देखना है, या निवेशक के खुद के निवेश के लाभ का ग्रोथ चेक करना हो, CAGR से हमें वास्तविक वार्षिक कंपाउंड इंटरेस्ट रेट का पता चल जाता है,

COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE का महत्व ,

अगर आप LONG TERM में कैपिटल ग्रोथ करके यानि वैल्यू इन्वेस्टिंग की मदद से बहुत सारा धन बनाना चाहते है, तो आपको COMPOUND INTEREST को जरुर ध्यान में रखना चाहिए, औरCOMPOUND ANNUAL GROWTH RATE की मदद से वास्तव में हमें COMPOUND INTEREST का ही पता चलता है कि, किस कंपाउंड इंटरेस्ट के RATE से हमारा निवेश बढ़ रहा है,
कहा जाता है –
सी ए जी आ रजिस निवेश जितना ज्यादा है, उस निवेश पर उतना ही ज्यादा लाभ हो रहा है,
सी ए जी आर जिस निवेश जितना कम है, वो निवेश उतना ही हानिकारक है,
स्टॉक मार्केट में हर कोई अपने निवेश पर ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाना चाहता है, ऐसे में निवेश पर मिलने वाले लाभ का कैलकुलेशन सभी के लिए अनिवार्य हो जाता है,
अब ऐसे में निवेश पर मिलने वाले लाभ को दो तरीके से किया जा सकता है –
एक तो ABSOLUTE RATE, यानि सीधा सीधा निवेश पर मिलने वाले लाभ का निवेश के ऊपर प्रतिशत निकालकर, जिसमे समय का ध्यान नहीं रखा जाता,
जैसे – ऊपर रवि के EXAMPLE में रवि को 50 % का फायदा हो रहा है,
लेकिन उसी लाभ को CAGR की नजर से देखा जाये तो जो निवेश पर लाभ कैलकुलेट करने का सबसे BEST तरीका है, तो पता चलता है कि रवि को सिर्फ 8.45% का ही लाभ हो रहा है, जो को आसानी से फिक्स्ड डिपाजिट में भी मिला जाता है, तो स्टॉक मार्केट और म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करने का रिस्क क्यों लिया जाये,
यानि आपने तुरंत COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE से अपने निवेश की तुलना की और ये समझ लिया कि आपको इस म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कुछ विशेष लाभ नहीं हुआ,
इस तरह  निवेश में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए वार्षिक ग्रोथ रेट यानि COMPOUND ANNUAL GROWTH RATE  से ही दो निवेश में से बेहतर निवेश की वास्तविक तुलना की जा सकती है,
इसलिए, किसी भी तरह के निवेश पर होने वाले लाभ को कैलकुलेट करने के लिए हमें CAGR का इस्तेमाल जरुर करना चाहिए, जिस से कि निवेश के सभी उपलब्ध विकल्पों में से हम बेहतर निवेश को चुन सके.

COMPANY FORMATION से IPO तक का सफ़र - 7

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CASH FLOW

इस पोस्ट में हम जानेगे CASH FLOW क्या होता है? हमारी INCOME और CASH FLOW का क्या सम्बन्ध है, साथ ही साथ इस टॉपिक में CASH FLOW के महत्त्व को समझेंगे और जानेगे कि CASH FLOW STATEMENTकैसे बनाया जाता है?

CASH FLOW क्या होता है?

CASH FLOW (कैश फ्लो) का हिंदी अर्थ है – नकद प्रवाह,
आप इसे धन का बहाव भी कह सकते है, धन का आना और जाना,
आपने अक्सर अपने दोस्तों, मित्रो या परिवार वालो को कहते सुना होगा, कि हमारे पास पैसे तो आते ही है, लेकिन रुकते कहा है, वो तो कही से आते है पता नहीं कहा चले जाते है, और इसलिए लोग ये भी कहते है पैसे हाथ का मैल है, और ये आता-जाता रहता है,
दोस्तों, अगर इन बातो को एकाउंटिंग और फाइनेंस की भाषा में कहे तो अक्सर लोग इस तरह की बात अपने CASH FLOW के समभ्ध के बारे में कह रहे होते है, और किसी व्यक्ति के पास धन के आने और जाने की प्रकृति को ही कैश फ्लो कहते है.
CASH FLOW एक फाइनेंसियल टर्म है, और वास्तव में CASH FLOW एक विवरण पत्र (Statement) होता है, जिसमे किसी व्यक्ति, संस्था या कंपनी के पास धन किस तरह और कहा से आ रहा है, और आने वाला धन किस तरह तथा कहा जा रहा है, इस बात को बहुत ही आसान तरीके से दिखाया जाता है,
अब अगर किसी बिज़नस के Cash Flow की बात करे तो,
किसी समय अन्तराल (Time Period) में एक बिज़नस में आने वाले Cash और बिज़नस से बाहर जाने वाले Cash Movement को Cash flow कहा जाता है,
अब सवाल है कि बिज़नस में आने वाला पैसा किस तरीके का होता है, तो जवाब है किसी बिज़नस में आने और जाने वाला पैसा या Cash कुछ इस प्रकार हो सकता है –
  1. Incoming Cash – पूंजी के रुप में आने वाले पैसे, माल बेचने या सेवा देने के बदले ग्राहक और क्लाइंट्स से मिलने वाली पैसा, अन्य उधार बाकी,
इसे CASH generated from operation of business भी कहा जाता है,
  1. Outgoing Cash – माल खरीदने या बनाने के लिए किये जाने वाले खर्च, किराया, व्याज, टैक्स,और किसी तरह के अन्य बिज़नस के खर्चे को चुकाने के लिए दिया जाने वाला पैसा

CASH FLOW के प्रकार

जिस तरह किसी बिज़नस में तीन तरह की SITUATION आती है – PROFIT, LOSS, और NO PROFIT NO LOSS, ठीक उसी प्रकार cash flow के तीन प्रकार होते है –
1.    POSITIVE कैश फ्लो – जब बिज़नस में आने वाला CASH , बिज़नस में किये जाने वाले खर्च से ज्यादा है,
2.    NEGATIVE कैश फ्लो – जब बिज़नस में आने वाला CASH , बिज़नस में किये जाने वाले खर्च से कम  है,
3.    BREAK EVEN कैश फ्लो – जब बिज़नस में आने वाला CASH , बिज़नस में किये जाने वाले खर्च से दोनों बराबर है,

CASH FLOW का महत्त्व,

एक आम आदमी से लेकर, एक छोटी से छोटी या बड़ी से बड़ी कंपनी और उसके बिज़नस के लिए Positive Cash Flow का होना बहुत जरुरी है,Cash flow का महत्व आप इस तरह से भी समझ सकते है, कि सभी आवश्यक खर्च करने के बाद भी अगर हमारी जेब पैसे होते है, तो हमें स्वभाविक रूप से काफी अच्छी फीलिंग होती है, और कॉंफिडेंट रहते है, और फ्यूचर के प्रति सकारात्मक नजरिया रहता है,
ठीक उसी प्रकार किसी बिज़नस में Positive कैश फ्लो ये बताता है कि उस बिज़नस के खर्चे कम और आय ज्यादा है, और ऐसे में वो बिज़नस ज्यादा लाभ कमाने में सफल होता है,
एक छोटे और नए बिज़नस में होने वाले पैसे की काफी दिक्कतें आती है, क्योकि ज्यादातर नए बिज़नस या कंपनी के पास cash reserve fund नहीं होता है, और ऐसे में जैसे ही कोई आर्थिक संकट आती है, तो उस वक्त ज्यादातर छोटे छोटे बिज़नस या कंपनी बंद होने के कगार पर आ जाती है,

IMPORTANCE OF CASH FLOW FOR FUNDAMENTAL ANALYSIS

किसी कंपनी के कैश फ्लो और CASH RESERVE को समझना बहुत IMPORTANT होता है, एक कंपनी कैसे CASH व्यवहार कर रही है, इस से उस कंपनी की फाइनेंसियल फ्यूचर को समझने में आसानी होती है,
अगर किसी कंपनी के लिए NEGATIVE कैश फ्लो होना उसके फ्यूचर के लिए सही नहीं होता,
एक निवेशक को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का कैश फ्लो POSITIVE है या नहीं, और साथ ही CASH रिज़र्व का भी ध्यान रखना चाहिए,

CASH FLOW STATEMENT कैसे बनाये-

कैश फ्लो स्टेटमेंट, फाइनेंसियल स्टेटमेंट के साथ बनाया जाता है, जिसमे बैंक, और Cash दोनों के ओपनिंग बैलेंस को पुरे साल में आने वाले cash को Add करने के बाद उस साल में होने वाले पुरे खर्चो और अन्य पेमेंट को कम किया जाता है,
Opening balance of cash in hand and cash at Bank
+(add) Cash generated from operational activates
+(add) Cash from other sources
और इन सबका टोटल निकालने के बाद, उस साल के सभी cash पेमेंट के टोटल को कम कर दिया जाता है
-(less)All the operational expenses done during the financial year
-(less)all other expenses done during the financial year
इस तरह आपको एक कैश फ्लो स्टेटमेंट मिल जाता है, जिसको देखने पर आप आसानी से समझ जाते है, कि आपके  बिज़नस में आने वाला cash कहा कहा पे खर्च हो रहा है,

CASH FLOW के सम्बन्ध में ध्यान देने वाली बाते

  1. कैश फ्लो एक स्टेटमेंट है, जो किसी व्यक्ति संस्था या कंपनी के कैश फ्लो के पैटर्न को बताता है,
  2. कैश फ्लो स्टेटमेंट किसी बिज़नस द्वारा किये जाने वाले cash व्यव्हार को स्पस्ट करता है,
  3. किसी बिज़नस में पॉजिटिव कैश फ्लो उस बिज़नस की मजबूती को बताता है,
  4. किसी निवेश से पहले कंपनी के कैश फ्लो की स्टडी करना fundamental analysis का एक पार्ट है,