"i सम्यक" बद्दल थोडक्यात

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COMPANY FORMATION से IPO तक का सफ़र

COMPANY FORMATION से IPO तक का सफ़र

COMPANY FORMATION का हिंदी अर्थ है,कंपनी को बनाना, और आज हम इसी बारे में बात करने वाले है, कि कंपनी कैसे फॉर्म की जाती है, एक कंपनी बिज़नस करने के लिए कैसे पूंजी एकत्रित करती है, और स्टॉक मार्केट इन्वेस्टर के लिए COMPANY FORMATION और बिज़नस को समझना कितना जरुरी है,

STOCK MARKET BUSINESS

स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट को जोखिम भरा इन्वेस्टमेंट माना जता है, क्योकि स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट में लगाया जाने वाला पैसा उस कंपनी के बिज़नस को चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिस कंपनी का शेयर हम खरीदते है,
और किसी बिज़नस में हमेशा लाभ ही होगा, इस बात की कोई गारंटी नहीं होती, और यही कारण है कि, स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने से, हमें लाभ ही लाभ होगा, इसकी कोई गारंटी, नहीं दी जा सकती है,
ऐसे में हम सभी को स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट से पहले, बिज़नस कैसे स्टार्ट होता है, कंपनी कैसे बनती है, एक बिज़नस कैसे काम करता है,और एक कंपनी अपना बिज़नस बढ़ाने के लिए कैसे पूंजी की व्यस्था करती है,  इन सब के बारे में अच्छी तरह से जरुर पता होना चाहिए,
तभी हम किसी कंपनी द्वारा किये जाने वाले बिज़नस और उसके द्वारा किये जाने वालो कार्यो के पीछे के कारण और प्रकिया को हम समझ सकते है, और स्टॉक मार्केट में बेहतर तथा लाभकारी इन्वेस्टमेंट का लाभ उठा सकते है,
अगर किसी को ये नहीं पता कि बिज़नस कैसे स्टार्ट होता है, और कैसे काम करता है, तो वो शायद ये कभी नहीं समझ पायेगा कि स्टॉक मार्केट क्या होता है और कैसे काम करता है,

आम आदमी, बिज़नस और स्टॉक मार्केट 

हम में से ज्यादातर लोग, या तो नौकरी करते है, या छोटे छोटे व्यवसाय करते है, ऐसे में हम में से ज्यादातर लोग इतने बड़े बड़े बिज़नस कैसे होते है, इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते है, और यही सबसे बड़ा कारण हो जाता है, जिसके कारण हमारे आस पास के ज्यादातर लोग स्टॉक मार्केट से दूर है, और वो स्टॉक मार्केट में निवेश नहीं करते है,
लेकिन हम सभी के मन में एक सवाल हमेशा आता रहता है, कि कैसे एक अकेला आदमी जैसे – टाटा, बिरला, या अम्बानी लोग इतनी बड़ी बड़ी कंपनी बना देते है, और इतनी बड़ी बड़ी कंपनी के कैसे मालिक बन जाते है ?
जब हम इस बात को अच्छी तरह समझ जाते है, कोई कंपनी कैसे बनती है, और कैसे अपना बिज़नस करती है, कहा कहा से पूंजी लाती है, तो आपको स्टॉक मार्केट पूरी तरह से एक बिज़नस लगेगा, और स्टॉक मार्केट के उतार चढाव को भी समझने लगते है,

कंपनी कैसे बनायीं जाती है – COMPANY FORMATION

इसलिए आज का हमारा टॉपिक है – बिज़नस की शुरआत (Start of a Business) और कंपनी का बनना (Company Formation),  और इस पोस्ट में हम जानेगे कि किस तरह एक आईडिया बिज़नस बनता है, फिर वह बिज़नस जैसे जैसे आगे बढ़ता है, तो कैसे अपनी पूंजी की आवश्यकता को पूरा करता है, किस तरह एक छोटा सा बिज़नस इतना बड़ा बन जाता है कि उसे अपना बिज़नस करने के लिए स्टॉक मार्केट में शेयर बेच कर पूंजी के रूप में लोगो से पैसे प्राप्त करता है,
ये टॉपिक थोडा लम्बा हो सकता है, और इसे दो भागो में जानेगे,
यकींन मानिए स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट से पहले आपको किसी बिज़नस की शुरुआत से लेकर उस बिज़नस की अलग अलग स्टेज में पूंजी की आवश्यकता और उसकी पूर्ति को समझना बहुत आवश्यक है,
दोस्तों आज हम इसी सवाल के जवाब में बात करने वाले है कि कैसे लोग इतनी बड़ी बड़ी कंपनी बना देते है,और आज जानेगे कि कैसे एक छोटे से बिज़नस आईडिया को लेकर कोई कंपनी बनायीं जाती है, और कंपनी अपने बिज़नस के लिए पैसे कहा कहा से लाती है, कंपनी अपनी पूंजी और बिज़नस को बढ़ाने के लिए कंपनी क्या क्या उपाय करती है,

TYPICAL BUSINESS START UP AND FUNDING

आइये सबसे पहले एक Typical बिज़नस के सबसे शुरुआत से आगे बढ़ने के अलग अलग स्टेज की बात करते है, हमारा ज्यादा FOCUS इस बात पर रहेगा कि एक बिज़नस शुरुआत से लेकर IPO तक किस तरह पूंजी के रूप में FUND प्राप्त करने की कोशिश करता है,
  1. बिज़नस आईडिया और पूरा बिज़नस प्लान
  2. बिज़नस के लिए आवश्यक पूंजी इकठ्ठा करना- जिसने बिज़नस आईडिया बनाया, उसकी अपनी पूंजी- प्रोमोटर कैपिटल फण्ड
  3. बिज़नस की पूंजी के लिए दोस्तों से पैसे लेना – एंजेल इन्वेस्टर
  4. बिज़नस को और बढ़ाने के लिए वेंचर कैपिटलिस्ट से पैसे लेना, जिसे शोर्ट में VC भी कहा जाता है,
    1. VC की फर्स्ट सीरिज से फंडिंग- सीरिज A फंडिंग
    2. VC की सेकंड सीरीज से फंडिंग – सीरिज B फंडिंग
  5. कंपनी द्वारा कमाए जाने वाले लाभ से निकला गए रिज़र्व फण्ड को पूंजी के लिए इस्तेमाल करना,
  6. पूंजीगत खर्चो के लिए बैंक द्वारा दी जाने वाली फंडिंग – DEBT FUNDING
  7. प्राइवेट इक्विटी फण्ड – बड़े बड़े प्राइवेट निवेशक, शेयर होल्डर, जो एक उभरती हुई कंपनी में प्राइवेट निवेश करते है,
  8. फाइनली स्टॉक मार्केट से IPO द्वारा PUBLIC से पूंजी के रूप में पैसे लेना,

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