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COMPANY FORMATION से IPO तक का सफ़र-5


NET WORTH

हे दोस्तों, आज का टॉपिक है – NET WORTH क्या होता है? इस टॉपिक में NET WORTH के महत्त्व को समझेंगे और साथ ही साथ जानेगे कि NET WORTH कैसे CALCULATE किया जाता है?

NET WORTH क्या होता है?

NET WORTH का हिंदी अर्थ है – शुद्ध सम्पति,
NET WORTH एक फाइनेंसियल टर्म है, जो किसी व्यक्ति,कंपनी, संस्था, के पास शुद्ध सम्पति को बताता है,और साथ ही साथ NETWORTH के द्वारा हम उस व्यक्ति,कंपनी, संस्था के वास्तविक फाइनेंसियल हालत को समझ सकते है,
यहाँ शुद्ध सम्पति (NETWORTH) से हमारा मतलब ये है कि उस संस्था के पास जो भी सम्पति(TOTAL ASSET) है, उसमे से उसके सभी तरह के दायित्व (TOTAL LIABILITES) को घटाने के बाद जो कुछ भी सम्पति के रूप में बचे, वो उस संस्था का NETWORTH कहा जायेगा,
जैसे – हम अक्सर अख़बार, इन्टरनेट, या टीवी पर किसी कंपनी, क्रिकेटर,या फ़िल्म स्टार्स, या किसी अन्य सेलेब्रिटी के आर्थिक स्थिति (Financial Position) के सम्बन्ध में उसके “NETWORTH” के बारे में सुनने को मिलता है, हाल ही में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी के समंध में उन दोनों के NETWORTH की खबरे VIRAL हुई थी,
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा नेट वर्थ – 1000 करोड़ से ऊपर
तो यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि NETWORTH द्वारा आसानी से किसी व्यक्ति,कंपनी, या संस्था के वित्तीय स्थिति के बारे में समझा जा सकता है, और विराट और अनुष्का शर्मा की फाइनेंसियल मजबूती को समझाने के लिए ही उनके NETWORTH के बारे में बात की जा रही है,
NETWORTH को समझना बहुत इम्पोर्टेन्ट हो जाता है, क्योकि NETWORTH ही किसी व्यक्ति,कंपनी, या संस्था के वास्तविक स्थिति को बताता है,
ऐसे में हो सकता है कि व्यक्ति,कंपनी, या संस्था के पास बहुत सारी सम्पति हो,
लेकिन साथ ही साथ उसके ऊपर बहुत सारे दायित्व भी हो,
तो इस तरह अगर आपको उसकी फाइनेंसियल स्थिति को समझना है, तो आप कैसे समझेंगे?,
फाइनेंसियल स्थिति को समझने के लिए आपको उसके सभी सम्पतियो के मूल्य से उसके सभी दायित्वों के मूल्य को कम करना होगा और जो बच जायेगा,
वो होगी उसकी वास्तविक फाइनेंसियल स्थिति , जिसे हम NET WORTH के नाम से भी जानते है,

आज अगर आपकी SALARY बहुत अच्छी है, और आप बिना अपने NET WORTH पर ध्यान देते हुए सिर्फ CURRENT INCOME के आधार पर आप एक बहुत महँगी कार या घर खरीद लेते है, क्योकि आपकी सैलरी के आधार पर बैंक आपको कार खरीदने के लिए LOAN आसानी से दे देती है ,फाइनेंसियल प्लानिंग, और फाइनेंस से जुड़े किसी तरह के फैसले से पहले, अगर आपको अपने “NETWORTH” के बारे में नहीं पता है, तो ऐसे में हो सकता है कि आप कुछ ऐसा निर्णय ले लेंगे, जिस से आपको फ्यूचर में काफी परेशानी का सामना करना पड़ जाये,
तो ध्यान देने वाली बात ये है कि, ऐसे में क्या होगा अगर किसी वजह से आपको जॉब छोड़ना पड़े, और आपकी सैलरी की INCOME बंद हो जाये,
ऐसे में अगर आपकी NET WORTH कार की कुल कीमत या घर की कीमत (लोन के व्याज सहित) और उस से अधिक नहीं है,तो आपको अपनी कार या घर से हाथ धोना पड़ सकता है,और आप को अपने कार लेने के निर्णय के बारे में पछताना भी पड़ सकता है,
अगर आपने कार लेते समय ही अपने NETWORTH CALCULATE कर लिया होता, तो शायद आज जॉब छूटने के बाद भी उस कार को अपने पास रख सकते थे,
इसलिए हम सभी को इस तरह की किसी भी फाइनेंसियल निर्णय लेने से पहले, अपना NET WORTH जरुर समझना चाहिए,जिस से हम बेहतर फाइनेंसियल डिसिशन ले सके,

NET WORTH की गणना कैसे की जाती है,

Net worth को कैलकुलेट करना बहुत आसान है, इसकी गणना बहुत ही आसान है,
आपको केवल अपने कुल सम्पतियो के योग से अपने कुल दायित्वों के योग को घटाना है,
NET WORTH = TOTAL ASSET – TOTAL LIABILITIES
लेकिन आपको अपने कुल सम्पतियो और कुल दायित्वों के योग के लिए थोड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है,

STEP OF CALCULATING NET WORTH

1. MAKE LIST OF ALL ASSETS
सबसे पहले आपको अपने ASSET की पूरी LIST बनानी होगी,
ASSET में आपकी सभी तरह के CASH, BANK में जमा, निवेश की रकम, आपका घर, जमीन, प्लॉट्स, या जिसको भी आप सम्पति मानते है,
2.MAKE LIST OF ALL LIABILITIES
फिर आपको अपने सभी तरह के दायित्वों की लिस्ट बनानी होगी,
दायित्वों में आपके ऊपर सभी तरह के SHORT TERM और LONG TERM LOAN,चाहे वो HOME LOAN हो, कार लोन हो, मोबाइल, TV, फ्रीज या पर्सनल लोन हो,और किसी तरह का HAND LOAN, उधारी, को लिस्ट में शामिल करना होगा,
3.तीसरा स्टेप है- वैल्यूएशन (VALUATION)
अब आपको अपने लिस्ट किये गए सभी ASSET यानी सम्पति की आज की बाजार कीमत लगानी है, यानी उनका MARKET VALUE लिखना है,
और साथ ही साथ अपने सभी तरह LOAN और LIABILITES की भी अभी की current VALUE निकालनी होगी,जिसके लिए हो सकता है, आपने जहा से लोन लिया है,उनसे आउटस्टैंडिंग लोन का स्टेटमेंट मांगना पड़े,
4. Asset और liabilites का TOTAL करना
अब आप संपति और दायित्व को टोटल लगाना होगा, यानि सम्पति का कुल योग कितना हो रहा है, और दायित्वों का कुल योग क्या हो रहा है,
और दोनों का अलग अलग टोटल लिख ले,
5. FINAL STEP OF NET WORTH CALCULATION
अब आपको सिर्फ इतना सा करना है कि टोटल सम्पति से टोटल दायित्व को घटा देना है-
नेट वर्थ = कुल सम्पति – कुल दायित्व
और इस तरह आप कभी भी अपना NET WORTH CALCULATION कर सकते है,
और कुछ इसी प्रकार से कंपनी और संस्था भी अपना NET WORTH CALCULATE करती है,
स्टॉक मार्केट में LISTED कंपनी के NET WORTH को किसी भी तरह के निवेश से पहले समझना बहुत आवश्यक हो जाता है,
और इस तरह, NET WORTH CALCULATION करना FUNDAMENTAL ANALYSIS का एक महत्वपूर्ण पार्ट हो जाता है,

NET WORTH के सम्बन्ध में ध्यान देने वाली बाते

  1. NETWORTH बिलकुल आसान है, यह आपकी वो मूल्य (NET VALUE) है, जो आपकी कुल सम्पति में से आपके कुल दायित्वों को घटाने पर प्राप्त होता है,
  2. NET WORTH का एक और मतलब ये भी है, कि आपके कुल सम्पतियो को बेचने से मिलने वाली वैल्यू , में से आपके कुल दायित्वों को चुकाने के बाद, बचा हुआ पैसा या सम्पति,
  3. NET WORTH नेगेटिव मात्रा में भी हो सकता है, ऐसा तब होगा जब सम्पति से ज्यादा दायित्व हो,हालाँकि ये स्थिति बिल्कुल डरावनी है, लेकिन जाने या अनजाने में ज्यादातर लोग इस तरह की स्थिति में फंस जाते है,
  4. NET WORTH समय के साथ बदलता रहता है, यह व्यक्ति, संस्था या कंपनी के लाभ कमाने की क्षमता और उसके द्वारा लिए जाने LOAN और अन्य दायित्वों पर निर्भर होता है,
  5. आप अपनी फाइनेंसियल ग्रोथ को साल दर साल NET WORTH के आधार पर तुलना करके समझ सकते है, और आपको हमेशा अपने वास्तिवक आर्थिक स्थिति का अंदाजा रहेगा,
  6. सिर्फ NET WORTH के आधार पर आर्थिक निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए,भविष्य की जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखना होता है,
ध्यान देने वाली बात है कि नेट वर्थ में में FUTURE में आने वाले किसी भी बड़ी जिम्मेदारी को शामिल नहीं किया गया होता है, इसलिए हमें कोई फाइनेंसियल निर्णय सिर्फ NET WORTH के आधार पर नहीं लेना चाहिए,
हमें इस बात को ध्यान में रखना चाहिए फ्यूचर में अगर हमें कोई बड़े और आवश्यक खर्चे लगने वाले है, तो आज हमारी अच्छी NETWORTH होने के बाद भी कोई ऐसा फाइनेंसियल डिसिशन ना ले, जिस से हमारा फ्यूचर बहुत ज्यादा प्रभावित होने वाला हो,

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