"i सम्यक" बद्दल थोडक्यात

सम्यक समाजासाठी ६ बिंदूचा संस्कार - स्व अध्ययन - सामुहीकता - समत्व - सेवा - स्वातंत्र्य - संघर्ष.या ६ बिंदूचा संस्काराशी संबधित सर्व क्षेत्रां(अर्थशास्त्र, सेवाकार्य, विचार दर्शन, इतिहास व इतर) वर वाचन-लेखन -चर्चा-कार्यशाळा-सेवा-अनुभव या साठी "i सम्यक"
Our aim is to provide Education to people for social reform. Our thinking is Self Study - Togetherness - Equality - Self less Service - Freedom - Fight for right is the 6 point for Rite of society.

न मैं चुप हूँ न गाता हूँ



न मैं चुप हूँ न गाता हूँ 


सवेरा है मगर पूरब दिशा में 
घिर रहे बादल 
रूई से धुंधलके में 
मील के पत्थर पड़े घायल 
ठिठके पाँव 
ओझल गाँव 
जड़ता है न गतिमयता 



स्वयं को दूसरों की दृष्टि से 
मैं देख पाता हूं 
न मैं चुप हूँ न गाता हूँ 



समय की सदर साँसों ने 
चिनारों को झुलस डाला, 
मगर हिमपात को देती 
चुनौती एक दुर्ममाला, 



बिखरे नीड़, 
विहँसे चीड़, 
आँसू हैं न मुस्कानें, 
हिमानी झील के तट पर 
अकेला गुनगुनाता हूँ। 
न मैं चुप हूँ न गाता हूँ

No comments: