"i सम्यक" बद्दल थोडक्यात

सम्यक समाजासाठी ६ बिंदूचा संस्कार - स्व अध्ययन - सामुहीकता - समत्व - सेवा - स्वातंत्र्य - संघर्ष.या ६ बिंदूचा संस्काराशी संबधित सर्व क्षेत्रां(अर्थशास्त्र, सेवाकार्य, विचार दर्शन, इतिहास व इतर) वर वाचन-लेखन -चर्चा-कार्यशाळा-सेवा-अनुभव या साठी "i सम्यक"
Our aim is to provide Education to people for social reform. Our thinking is Self Study - Togetherness - Equality - Self less Service - Freedom - Fight for right is the 6 point for Rite of society.

मैंने जन्म नहीं मांगा था



मैंने जन्म नहीं मांगा था


किन्तु मरण की मांग करुँगा। 




जाने कितनी बार जिया हूँ



जाने कितनी बार मरा हूँ। 



जन्म मरण के फेरे से मैं



इतना पहले नहीं डरा हूँ। 




अन्तहीन अंधियार ज्योति की



कब तक और तलाश करूँगा। 



मैंने जन्म नहीं माँगा था


किन्तु मरण की मांग करूँगा। 



बचपन, यौवन और बुढ़ापा



कुछ दशकों में ख़त्म कहानी। 



फिर-फिर जीना, फिर-फिर मरना



यह मजबूरी या मनमानी




पूर्व जन्म के पूर्व बसी— 



दुनिया का द्वारचार करूँगा। 



मैंने जन्म नहीं मांगा था



किन्तु मरण की मांग करूँगा।


-अटल बिहारी वाजपेयी, 

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